Daily Murli Points
⭕DATE/24-10-2023
When you become elevated, even the world will become satopradhan and elevated.वरदान:- अपने शक्ति स्वरूप द्वारा अलौकिकता का अनुभव कराने वाले ज्वाला रूप भव
अभी तक बाप शमा की आकर्षण है, बाप का कर्तव्य चल रहा है, बच्चों का कर्तव्य गुप्त है। लेकिन जब आप अपने शक्ति स्वरूप में स्थित होंगे तो सम्पर्क में आने वाली आत्मायें अलौकिकता का अनुभव करेंगी। अच्छा-अच्छा कहने वालों को अच्छा बनने की प्रेरणा तब मिलेगी जब संगठित रूप में आप ज्वाला स्वरूप, लाइट हाउस बनेंगे। मास्टर सर्वशक्तिमान् की स्टेज, स्टेज पर आ जाए तो सभी आपके आगे परवाने समान चक्र लगाने लग जायें।
स्लोगन:- अपनी कर्मेन्द्रियों को योग अग्नि में तपाने वाले ही सम्पूर्ण पावन बनते हैं।
⭕DATE/27-10-2023
* जिस-जिस भावना से देवताओं की पूजा करते हैं तो अल्पकाल का सुख जरूर देता हूँ।
भक्ति मार्ग की आमदनी कैसी और ज्ञान मार्ग की आमदनी कैसी है! बाबा एकदम भण्डारा भर देते हैं। उसके लिए मेहनत है। पवित्र जरूर रहना पड़े।
#अभी बाप तुमको बेहद का राज्य देते हैं। वहाँ तो सब कुछ तुम्हारा रहेगा। तुम्हारी पृथ्वी, तुम्हारा आकाश...... तुम अटल, अखण्ड, शान्तिमय राज्य करेंगे।
*बाप कहते हैं - बच्चे, थक मत जाना, श्रीमत पर चलते रहना। श्रीमत को कभी भूलना नहीं। इसमें बड़ी सावधानी चाहिए। जो कुछ करो, पूछो - बाबा हम इसमें मूँझते हैं, इसे करने में हमारे ऊपर कोई पाप तो नहीं लगेगा।
अच्छा, तुम्हारी तकदीर में यहीं स्वर्ग है। हमको तो मेहनत कर सच्चे-सच्चे स्वर्ग में चलना है, जिसके लिए तुम पुरुषार्थ करते हो। पुरुषार्थ में ढीला नहीं पड़ना है। गृहस्थ व्यवहार में रह पुरुषार्थ करना है। सर्विस करनी है। खुद पवित्र बन फिर अपने मित्र-सम्बन्धियों आदि को भी लायक बनाओ, मीठी-मीठी बातें सुनाओ।
* जिस-जिस भावना से देवताओं की पूजा करते हैं तो अल्पकाल का सुख जरूर देता हूँ।
भक्ति मार्ग की आमदनी कैसी और ज्ञान मार्ग की आमदनी कैसी है! बाबा एकदम भण्डारा भर देते हैं। उसके लिए मेहनत है। पवित्र जरूर रहना पड़े।
#अभी बाप तुमको बेहद का राज्य देते हैं। वहाँ तो सब कुछ तुम्हारा रहेगा। तुम्हारी पृथ्वी, तुम्हारा आकाश...... तुम अटल, अखण्ड, शान्तिमय राज्य करेंगे।
*बाप कहते हैं - बच्चे, थक मत जाना, श्रीमत पर चलते रहना। श्रीमत को कभी भूलना नहीं। इसमें बड़ी सावधानी चाहिए। जो कुछ करो, पूछो - बाबा हम इसमें मूँझते हैं, इसे करने में हमारे ऊपर कोई पाप तो नहीं लगेगा।
अच्छा, तुम्हारी तकदीर में यहीं स्वर्ग है। हमको तो मेहनत कर सच्चे-सच्चे स्वर्ग में चलना है, जिसके लिए तुम पुरुषार्थ करते हो। पुरुषार्थ में ढीला नहीं पड़ना है। गृहस्थ व्यवहार में रह पुरुषार्थ करना है। सर्विस करनी है। खुद पवित्र बन फिर अपने मित्र-सम्बन्धियों आदि को भी लायक बनाओ, मीठी-मीठी बातें सुनाओ।
⭕DATE/30-10-2023
कहा जाता है संग तारे, कुसंग बोरे !!
संग में आकर स्टीमर से पांव नीचे उतारा तो माया कच्चा खा लेगी इसलिए बाबा बच्चों को सावधान करते हैं - बच्चे, समर्थ बाप का हाथ कभी नहीं छोड़ना।
एवरहेल्दी बनने लिए बाप को याद करना है। बाप से ही वर्सा मिलता है। एवरहेल्दी और एवरवेल्दी-पने का। हेल्थ-वेल्थ है तो बाकी और क्या चाहिए! हेल्थ है, वेल्थ नहीं तो भी मजा नहीं। वेल्थ है, हेल्थ नहीं तो भी मजा नहीं।
उस्ताद का हाथ पूरा पकड़ना है। उस्ताद सर्वशक्तिमान, समर्थ है। हाथ छोड़ देंगे तो फिर सर्वशक्तिमान भी क्या करे? हाथ छोड़ा यह गया।
स्लोगन:- जो मन की एकाग्रता द्वारा सर्व सिद्धियां प्राप्त कर लेते हैं वही सिद्धि स्वरूप बनते हैं।
संग में आकर स्टीमर से पांव नीचे उतारा तो माया कच्चा खा लेगी इसलिए बाबा बच्चों को सावधान करते हैं - बच्चे, समर्थ बाप का हाथ कभी नहीं छोड़ना।
एवरहेल्दी बनने लिए बाप को याद करना है। बाप से ही वर्सा मिलता है। एवरहेल्दी और एवरवेल्दी-पने का। हेल्थ-वेल्थ है तो बाकी और क्या चाहिए! हेल्थ है, वेल्थ नहीं तो भी मजा नहीं। वेल्थ है, हेल्थ नहीं तो भी मजा नहीं।
उस्ताद का हाथ पूरा पकड़ना है। उस्ताद सर्वशक्तिमान, समर्थ है। हाथ छोड़ देंगे तो फिर सर्वशक्तिमान भी क्या करे? हाथ छोड़ा यह गया।
स्लोगन:- जो मन की एकाग्रता द्वारा सर्व सिद्धियां प्राप्त कर लेते हैं वही सिद्धि स्वरूप बनते हैं।
⭕DATE/31-10-2023
जितना जो पढ़ेगा उतना ऊंच पद पायेगा। पढ़ना और फिर पढ़ाना भी है, यानी आप समान बनाना है तब ही ऊंच पद पा सकेंगे।सर्विसएबुल बच्चों के ऊपर सर्विस की बड़ी जिम्मेवारी है।
यह बाप भी कहते हैं कदम-कदम पर शिवबाबा की मत पर चलना है। श्रीमत ही श्रेष्ठ है।
अच्छा, समझाते तो बहुत हैं, धारणा भी हो। जास्ती भारी माल खाने से फिर हज़म नहीं होता
ज्ञान दान करने में कुछ खर्चा हो तो हर्जा नहीं।
लगन की अग्नि में सब चिंताओं को समाप्त करने वाले निश्चयबुद्धि निश्चिंत भव
स्लोगन:- ऐसे अचल अडोल बनो जो किसी भी प्रकार की समस्या बुद्धि रुपी पांव को हिला न सके।
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