*_बस एक तेरे आ जाने से।।_*

 



वाणी सरगम सा सुशोभित।
बदन चंदन के महक सा सुगन्धित।।
जिंदगी मेरी तन्मयीत ,पुलकित।
बस एक तेरे आ जाने से......

तनते तरु से मन की डाली पर,
खिलती है कुसुमित पुष्प की लाली।।
साँसे झूमती निलयो के बीच,
जैसे सरवर किनारे तरुवर की डाली।।
बस एक तेरे आ जाने से....

जान फूंकती टुटते सपनो में,
गीत गाते मुस्काते समीर।।
क्षितिज धरा के मिलान सा,
हिर्दय से रूह का होता अधीर।।
बस एक तेरे आ जाने से।।

✍️✍️
abhijeet singh ........

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